केंद्र सरकार जनता से साम्राजी शासकों की तरह व्यवहार ना करें :जगमोहन सिंह

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25 February 2020 (Publish: 04:35 PM IST)

लुधियाना शाहीन बाग प्रदर्शन में पहुंचे भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह की नसीहत

लुधियाना 25 फरवरी (मेराज़ आलम ब्यूरो) शहर में लगातार 14वें दिन जारी शाहीन बाग प्रदर्शन में गिल रोड, कोट मंगल सिंह, प्रीत नगर से डा. सिराजदीन बाली, प्रधान हाजी नूरदीन, मौलाना आसिम असगर, ईनायत खान, शमशाद, प्रधान अलताफ जोशन, मुहम्मद सलीम, मुहम्मद यासीन,हाफिज लुतफुर रहमान, मुहम्मद अनवर की अध्यक्षता में सैकड़ों महिलाऐं शामिल हुई। शाहीन बाग में आज भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सैनानी शहीद-ए-आजम स. भगत सिंह की बहन के सुपुत्र प्रो. जगमोहन सिंह खास तौर पर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रो. जगमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह अपने ही देश की जनता के साथ साम्राजी शासकों की तरह व्यवहार ना करें।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है यहां किसी भी विशेष धर्म के नाम पर कोई कानून नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को सी.ए.ए. वापस लेना होगा, क्योंकि यह देश की सभ्यता एकता और अखंडता को तोडऩे वाला कानून है। प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने कहा कि लुधियाना की एतिहासिक धरती से प्रसिद्ध स्वतंत्रता सैनानी मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने हिंदू पानी मुसलमान पानी खत्म करके जो एकता का संदेश दिया था वह आज भी वैसे ही कायम है इस को कोई भी ताकत तोड़ नहीं सकती। दिल्ली में हुई घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह देश के संविधान के अनुसार काम करें ना कि अपने सियासी आकाओं को खुश करने के लिए कानून को तोड़े।

नायब शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी ने बीती रात दिल्ली में हुई हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा की दिल्ली पुलिस का दंगाइयों को पत्थर मारने की खुली छुट देना बहुत ही शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो शांति कौन बहाल करेगा। आज शाहीन बाग में पंजाबी लोक गायक सुखवंत सूखा ने देश प्रेम के गीत सुनाए। शाहीन बाग में पहुंचे श्री गुरू रविदास मन्दिर बस्ती जोधेवाल के प्रधान जिन्द्रपाल दड़ौच, चेयरमैन मेजर सिंह शीहमार, महासचिव नरिन्द्र राए बिट्टू, सीनी. वाईस प्रधान डा. राम जीत सूद, प्रचार सचिव राजिन्द्र मूलनिवासी, मैंबर दर्शन गंगड़, जसबीर लधड़, रमेश रसीला, जय सिंह बामसेफ, नसीम अंसारी, मेजर आलम, जकीया खातून, साबिर खातून, आइशा सिद्दकी ने भी संबोधन किया।

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