मौजूदा हालात में अपने साथ दूसरों का ख्याल करना हर मुसलमान का धार्मिक व नैतिक कर्तव्य

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20 April 2021 (Publish: 11:53 AM IST)

कानपुर:- इस वक़्त हमारे मुल्क हिन्दुस्तान की सूरतेहाल बद से बदतर होती जा रही है, एक तरफ कोरोना से प्रभावित होने और मृतकों की संख्या में ज़बरदस्त इज़ाफा हो रहा है वहीं दूसरी तरफ देश की एक बड़ी आबादी के सामने भूख की वजह से अपनी जान बचाने का चैलेंज है। ऐसे में सरकार अपनी ज़िम्मेदारी अदा करने में पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। मदरसा इम्दादिया क़ासिमुल उलूम मछरिया में जमीअत उलमा शहर कानपुर की जानिब से रमज़ान किट की दूसरी क़िस्त वितरित करते हुए महासचिव मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने इन विचारों को व्यक्त किया।
मौलाना ने कहा कि यह वक़्त किसी पर टीका टिप्पणी करने का नहीं है, लेकिन अपनी सरकार की कमियों को उजागर करना भी हम सबकी ज़िम्मेदारी है। मौलाना अब्दुल्लाह ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को इस वक़्त अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए, सरकारी व चिकित्सकीय परामर्श को मानने के साथ-साथ एक दूसरे की आर्थिक आवश्यकताओं का विशेष ख्याल रखें, बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अपनी परेशानी को व्यक्त नहीं कर सकते, लिहाज़ा मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य है कि खुद आगे बढ़ कर अपने आस-पड़ोस के लोगांे का जायज़ा लें, खामोशी से उनके घरेलू हालात मालूम करें और सामाजिक स्तर पर मुहिम चलाकर लोगों की मदद की जाये।
मौलान ने कहा कि अब केवल अस्पतालों और डाक्टरों पर निर्भर रहने के बजाये स्वयं अपनी हिफाज़त का इंतेज़ाम करें, हर मुहल्ले में एक-दो आक्सीजन और बेड आदि की व्यवस्था रहनी चाहिए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित व्यक्ति को आक्सीजन दी जा सके, फिर बाद में पूर्ण रूप से इलाज शुरू किया जाये। इसी के साथ मौलाना ने सभी से अपील की कि अल्लाह की तरफ तवज्जोह दें, ज्यादा से ज़्यादा दुआ का एहतमाम करें, अपने गुनाहों की माफी मांगें और पूरे विश्व विशेषकर अपने देश और देशवासियों की इस खतरनाक बीमारी से हिफाज़त की दुआ करें।
इस अवसर पर जमीअत उलमा कानपुर के अध्यक्ष डाक्टर हलीमुल्लाह खां, मौलाना आफताब आलमा क़ासमी, मौलाना फरीदुद्दीन क़ासमी, क़ारी बदरूज्ज़मां कुरैशी, मौलाना इमामुद्दीन क़ासमी, मौलाना मुहम्मद तारिक़ क़ासमी आदि मौजूद थे।

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